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NATO का Article 4 हुआ लागू

NATO का Article 4 हुआ लागू

NATO का Article 4 हुआ लागू, पोलैंड पर रूसी ड्रोन हमले के बाद यूरोप में अलर्ट

team- static study                                                                          @manojkumar @ajeetmishra @erarpittiwari

NATO का Article 4 हुआ लागू

NATO का Article 4 हुआ लागू

NATO का Article 4 हुआ लागू रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध अब पूरे यूरोप को अपने घेरे में खींचता जा रहा है। हाल ही में पोलैंड की हवाई सीमा में रूसी ड्रोन घुसपैठ की घटनाएँ दर्ज की गईं। पोलैंड ने इसे अपनी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए NATO को आपात बैठक के लिए बुलाया और Article 4 को लागू कर दिया। इसका मतलब है कि NATO अब सामूहिक परामर्श की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। सवाल यह है कि क्या यह स्थिति यूरोप को एक और बड़े युद्ध की ओर धकेल सकती है।

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NATO और Article 4 क्या है

  • NATO यानी नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन की स्थापना 1949 में हुई थी।
  • यह संगठन 32 देशों का सैन्य गठबंधन है।
  • इसकी सबसे बड़ी ताकत इसका सुरक्षा ढाँचा है।
  • NATO का Article 4 कहता है कि अगर किसी सदस्य देश को सुरक्षा खतरा महसूस होता है, तो वह सभी सहयोगियों के साथ बैठक बुला सकता है।
  • इसका मतलब सीधा युद्ध नहीं होता, लेकिन यह संकट की आधिकारिक शुरुआत मानी जाती है।

पोलैंड ने Article 4 क्यों लागू किया

  • पोलैंड ने दावा किया कि रूसी ड्रोन कई बार उसकी सीमा में घुसे हैं।
  • यह घुसपैठ यूक्रेन युद्ध का सीधा असर है, क्योंकि पोलैंड यूक्रेन को हथियार और मदद भेजने का सबसे बड़ा रास्ता है।
  • पोलैंड को डर है कि रूस जानबूझकर उसके रक्षा तंत्र की जाँच कर रहा है।
  • इसलिए पोलैंड ने NATO से सामूहिक चर्चा की माँग की और Article 4 सक्रिय हुआ।

रूस के ड्रोन हमले और सीमा संकट

  • रिपोर्ट्स के अनुसार रूसी ड्रोन यूक्रेन पर हमलों के दौरान पोलैंड की सीमा में भी दाखिल हुए।
  • कुछ मामलों में पोलैंड की वायु सेना को उन्हें गिराना पड़ा।
  • पोलैंड की जनता में डर बढ़ा है कि रूस जल्द ही सीधा हमला कर सकता है।
  • यह घटना NATO के एयर डिफेंस सिस्टम पर भी सवाल खड़े करती है।

NATO की प्रतिक्रिया

  • Article 4 लागू होने के बाद सभी NATO सदस्य देशों की बैठक हुई।
  • जर्मनी, फ्रांस और UK ने पोलैंड के समर्थन में बयान दिए।
  • अमेरिका ने कहा कि NATO अपने हर इंच की रक्षा करेगा।
  • फिलहाल NATO ने अपनी पूर्वी सीमा पर सैनिकों और मिसाइल डिफेंस सिस्टम की संख्या बढ़ा दी है।

Article 5 की संभावना और खतरे

  • NATO का सबसे बड़ा हथियार Article 5 है।
  • इसके अनुसार, किसी एक सदस्य देश पर हमला सभी देशों पर हमला माना जाएगा।
  • अगर रूस पोलैंड पर सीधा हमला करता है तो NATO को Article 5 लागू करना पड़ेगा।
  • इसका मतलब सीधे NATO और रूस की जंग होगी।
  • अब तक Article 5 केवल एक बार सक्रिय हुआ था, 9/11 हमलों के बाद।

यूरोप में बढ़ा तनाव

  • जर्मनी और फ्रांस युद्ध से बचना चाहते हैं, लेकिन पोलैंड पर हमला हुआ तो उन्हें शामिल होना ही पड़ेगा।
  • UK और अमेरिका पहले से ही ज्यादा आक्रामक रुख अपना रहे हैं।
  • यूरोप की अर्थव्यवस्था महंगाई, ऊर्जा संकट और शरणार्थी समस्या से जूझ रही है।
  • NATO और रूस की टकराहट से यूरोप की स्थिरता पूरी तरह खतरे में है।

रूस की रणनीति और युद्ध अर्थव्यवस्था

  • रूस ने युद्ध को लंबे समय तक चलाने के लिए अपनी अर्थव्यवस्था को ढाल लिया है।
  • रक्षा उत्पादन बढ़ाया गया है और हथियारों की आपूर्ति चीन, ईरान और उत्तर कोरिया से हो रही है।
  • पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का असर सीमित रहा है।
  • रूस के लिए पोलैंड और NATO पर दबाव डालना रणनीतिक फायदा है।

अमेरिका और NATO देशों की भूमिका

  • अमेरिका ने पहले ही यूरोप में हजारों अतिरिक्त सैनिक तैनात कर दिए हैं।
  • NATO ने पोलैंड, लिथुआनिया और लातविया जैसे देशों में अपनी उपस्थिति बढ़ा दी है।
  • नए एयर डिफेंस और पैट्रियट मिसाइल सिस्टम की तैनाती जारी है।
  • NATO के छोटे देश जैसे एस्टोनिया और लातविया, पोलैंड के साथ खड़े हैं।

भारत पर असर

  • भारत रूस और पश्चिम दोनों का रणनीतिक साझेदार है।
  • अगर NATO और रूस की सीधी टक्कर होती है, तो भारत पर कई तरह का दबाव पड़ेगा।
  • रूस से मिलने वाला सस्ता तेल रुक सकता है।
  • पश्चिम भारत पर रूस से दूरी बनाने का दबाव डालेगा।
  • यूरोप की अस्थिरता से भारत की IT इंडस्ट्री और निर्यात पर बुरा असर पड़ेगा।
  • भारत को संतुलन साधने की कूटनीति करनी होगी।

भविष्य की संभावनाएँ

  • NATO और पोलैंड Article 4 पर आधारित चर्चा जारी रखेंगे।
  • NATO कोशिश करेगा कि मामला Article 5 तक न पहुँचे।
  • रूस और NATO दोनों सीधी जंग से बचना चाहते हैं।
  • लेकिन सीमा पर ड्रोन हमले और मिसाइल घटनाएँ स्थिति को बिगाड़ सकती हैं।
  • अगर किसी भी तरफ से बड़ी गलती हुई, तो यह यूरोप को तीसरे विश्व युद्ध की ओर ले जाएगी।

निष्कर्ष

पोलैंड में रूसी ड्रोन हमले के बाद NATO द्वारा Article 4 लागू करना यूरोप के लिए चेतावनी की घंटी है। यह कदम दिखाता है कि NATO अब रूस के कदमों को केवल नजरअंदाज नहीं करेगा। हालांकि Article 4 युद्ध का एलान नहीं है, लेकिन यह वह स्टेज है जहाँ से मामला आसानी से Article 5 तक जा सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो पूरा यूरोप युद्ध की आग में झोंक दिया जाएगा और भारत जैसे देशों के लिए भी यह संकट गहरा असर डालेगा। सवाल यही है कि क्या कूटनीति इस टकराव को रोक पाएगी या दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही है।

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